Headline
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अवसरों को लेकर इंटर्न्स को मिला मार्गदर्शन
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अवसरों को लेकर इंटर्न्स को मिला मार्गदर्शन
खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत
खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना
दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना
ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1
ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज
घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज

बेरोजगारी का यह आलम

बेरोजगारी का यह आलम

ऊंची योग्यता वाले युवाओं का ऐसे पद पर नौकरी करना- जिसके लिए वे जरूरत से ज्यादा योग्य हैं- स्पष्टत: देश में बेरोजगारी की भीषण हालत का संकेत है। वैसे आंकड़े भी देश में बेरोजगारी की ऊंची दर की पुष्टि करते हैं। मीडिया की सुर्खियों ने आबादी के बड़े हिस्से को सुखबोध से ओत-प्रोत कर रखा है। ऐसा सोचने वाले लोगों की कमी नहीं है कि जल्द ही भारत आर्थिक महाशक्ति बन जाएगा। बल्कि कहा तो यह भी जाता है कि ऐसा हो भी चुका है। मगर यह हवाई नैरेटिव है, जो जमीनी सूरत से ध्यान हटाते हुए गढ़ा गया है। जमीनी सूरत क्या है, इसकी खबरें भी अक्सर आती हैं, लेकिन वे अखबारों में कहीं अंदर के पन्नों पर दब जाती हैं। मसलन, इस ताजा खबर पर गौर कीजिए: दिल्ली के चिडिय़ाघर में 100 लोगों को नौकरी पर रखा गया है। उनमें लगभग सभी के पास ऊंची डिग्रियां हैं।

ये अंग्रेजी, गणित, अर्थशास्त्र, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, मेटलर्जी आदि जैसे विषयों में ग्रैजुएट, पोस्ट-ग्रैजुएट और इंजीनियरिंग जैसी डिग्रियां हासिल कर चुके नौजवान हैं। उन्हें जू-कीपर की नौकरी मिली है। जू-कीपरों का काम चिडिय़ाघर के पशुओं का हर तरह से ख्याल रखना होता है। इस नौकरी के लिए बारहवीं पास होने की योग्यता काफी है। इस नौकरी में 18,000 से 22,000 रुपये तक का मासिक वेतन मिलता है। ऊंची योग्यता वाले युवाओं का ऐसे पद पर नौकरी करना- जिसके लिए वे जरूरत से ज्यादा योग्य हैं- स्पष्टत: देश में बेरोजगारी की भीषण हालत का संकेत है। वैसे आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करते हैं। पीरिऑडिक लेबर फोर्स सर्वे के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2022-23 में देश में ग्रेजुएट युवाओं के बीच बेरोजगारी दर 13.4 प्रतिशत थी। लेकिन यह आंकड़ा भी पूरा सच नहीं बताता। मसलन, अब अपनी योग्यता से निम्नतर नौकरी पा जाने उपरोक्त 100 युवा भी बेरोजगारी की श्रेणी से बाहर हो गए हैँ।

ऐसी हालत लाखों नौजवानों की है। फिर सरकारी परिभाषा में अर्ध या अस्थायी रोजगार में लगे लोगों को बेरोजगार नहीं माना जाता है। विश्व बैंक ने 2022 में कहा था कि भारत में 15-24 साल के युवाओं में बेरोजगारी दर 25 प्रतिशत के आसपास है। अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की- स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2023- नामक रिपोर्ट के मुताबिक 2021-22 में 25 साल से कम उम्र के ग्रैजुएट युवाओं में 42 प्रतिशत बेरोजगार थे। ये आंकड़े हकीकत से ज्यादा मेल खाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top