Headline
खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत
खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना
दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना
ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1
ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज
घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान

संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला

संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला

संसद में कोई व्यक्ति भी नियमों से ऊपर नहीं, लोकसभा में बोले ओम बिरला

नई दिल्ली। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद स्पीकर ओम बिरला पहली बार सदन की अध्यक्षता करते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में मजबूत विपक्ष की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और कोई भी व्यक्ति संसद के नियमों से ऊपर नहीं है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष के साथ-साथ एक मजबूत विपक्ष भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेता प्रतिपक्ष या किसी भी सांसद को बोलने से रोकने की कोई मंशा नहीं रही है, बल्कि हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि सदन में पिछले दो दिनों में 12 घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई, ताकि सभी दलों और सांसदों को अपनी राय रखने का मौका मिल सके। बिरला ने कहा कि लोकसभा देश के 140 करोड़ नागरिकों की भावनाओं और अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए यहां हर सांसद की आवाज अहम होती है।

स्पीकर ने कहा कि उनका हमेशा प्रयास रहा है कि सदन में हर सांसद को बोलने का अवसर मिले, खासकर उन सदस्यों को जो कम बोलते हैं। उनके मुताबिक, जितनी ज्यादा चर्चा और संवाद होगा, लोकतंत्र उतना ही मजबूत होगा।

ओम बिरला ने सभी सांसदों का आभार जताते हुए कहा कि सदन विचारों का जीवंत मंच है, जहां अलग-अलग मत और विचार सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि आलोचना भी लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और हर सदस्य की बात को गंभीरता से सुना जाता है।

विपक्ष की ओर से उठाई गई आपत्तियों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही पूरी तरह नियमों के आधार पर चलती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में कोई भी व्यक्ति नियमों से ऊपर नहीं है। यहां तक कि प्रधानमंत्री को भी नियम 372 के तहत बोलने से पहले अध्यक्ष की अनुमति लेना अनिवार्य होता है।

Back To Top