Headline
पहाड़ में बागवानी से संवर रही जिंदगी, दीपक नौटियाल की पहल से 120 महिलाओं को मिला रोजगार
पहाड़ में बागवानी से संवर रही जिंदगी, दीपक नौटियाल की पहल से 120 महिलाओं को मिला रोजगार
एसजीआरआर की ऑन्कोलॉजी टीम ने राष्ट्रीय सम्मेलन में हासिल की बड़ी उपलब्धि, जीते शीर्ष पुरस्कार
एसजीआरआर की ऑन्कोलॉजी टीम ने राष्ट्रीय सम्मेलन में हासिल की बड़ी उपलब्धि, जीते शीर्ष पुरस्कार
दून अस्पताल में चापड़ लहराकर डॉक्टरों और कर्मचारियों को धमकाने वाला आरोपी गिरफ्तार
दून अस्पताल में चापड़ लहराकर डॉक्टरों और कर्मचारियों को धमकाने वाला आरोपी गिरफ्तार
टिहरी में पर्यटन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विकास को दी जा रही प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
टिहरी में पर्यटन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विकास को दी जा रही प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
बाथरूम में करंट लगने से अवर अभियंता अनिल कुमार की मौत, गीजर से करंट लीक होने की आशंका
बाथरूम में करंट लगने से अवर अभियंता अनिल कुमार की मौत, गीजर से करंट लीक होने की आशंका
समृद्ध किसान, सशक्त उत्तराखण्ड अभियान के तहत हल्द्वानी पहुँचा कृषक रथ
समृद्ध किसान, सशक्त उत्तराखण्ड अभियान के तहत हल्द्वानी पहुँचा कृषक रथ
अतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री ने 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन प्रदान कर किया सम्मानित
अतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री ने 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन प्रदान कर किया सम्मानित
ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक: देहरादून में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, शराब पीकर वाहन चलाने वाले 27 गिरफ्तार
ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक: देहरादून में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, शराब पीकर वाहन चलाने वाले 27 गिरफ्तार
देहरादून में पुलिस का व्यापक सत्यापन अभियान, 147 भवन स्वामियों पर 14.70 लाख रुपये का जुर्माना
देहरादून में पुलिस का व्यापक सत्यापन अभियान, 147 भवन स्वामियों पर 14.70 लाख रुपये का जुर्माना

मानसून के दौरान बांधों एवं बैराजों से जुड़ी सूचनाओं की होगी रियल टाइम निगरानी

मानसून के दौरान बांधों एवं बैराजों से जुड़ी सूचनाओं की होगी रियल टाइम निगरानी

बांधों से पानी छोड़ने पर प्रभाव भी बताना होगा

सभी बांध एवं बैराज प्रतिदिन सुबह 8 बजे और शाम 8 बजे यूएसडीएमए को भेजेंगे जलस्तर एवं डिस्चार्ज की रिपोर्ट

डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में संभावित प्रभाव का पूर्व आकलन किया जाएगा

देहरादून। राज्य के सभी प्रमुख बांधों एवं बैराजों को प्रतिदिन सुबह 8 बजे तथा शाम 8 बजे अपने जलाशयों के जलस्तर, इनफ्लो, आउटफ्लो तथा डिस्चार्ज से संबंधित अद्यतन जानकारी अनिवार्य रूप से यूएसडीएमए को उपलब्ध करानी होगी।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों एवं जल विद्युत परियोजनाओं के अधिकारियों को मानसून के दौरान बेहतर समन्वय तथा निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी भी बांध अथवा बैराज से पानी छोड़ा जाना प्रस्तावित हो तो इसकी पूर्व सूचना राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र तथा संबंधित जिला प्रशासन को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। सूचना में यह भी उल्लेख किया जाए कि छोड़ा गया पानी कितने समय में किन-किन क्षेत्रों तक पहुंचेगा, डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में नदी के जलस्तर में कितनी वृद्धि होने की संभावना है तथा इससे संभावित प्रभाव क्या होंगे ताकि समय रहते संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा सकें।

सचिव सुमन ने सभी परियोजनाओं को निर्देशित किया कि पूर्व चेतावनी प्रणाली के अंतर्गत स्थापित नदी जलस्तर सेंसरों एवं डिस्चार्ज मॉनिटरिंग सिस्टम से प्राप्त आंकड़ों को एपीआई के माध्यम से रियल टाइम में यूएसडीएमए के साथ साझा किया जाए। बैठक में सभी जल विद्युत परियोजनाओं एवं बांध प्रबंधन को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापित ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन तथा अर्ली वार्निंग सिस्टम का विस्तार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विशेष रूप से टिहरी हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन को अपने क्षेत्र में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 25 करने के निर्देश दिए ताकि मौसम संबंधी आंकड़े अधिक सटीक एवं व्यापक रूप से उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि एक ही नदी तंत्र में स्थित अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम बांधों तथा बैराजों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। सभी परियोजनाएं आपस में नियमित रूप से जलस्तर, वर्षा, डिस्चार्ज तथा अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं का आदान-प्रदान करें, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-प्रशासन प्रकाश चंद्र ने कहा कि सभी परियोजनाओं में स्थापित डिस्चार्ज सायरन, चेतावनी उपकरणों तथा विभिन्न सेंसरों की नियमित टेस्टिंग की जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर ये पूरी क्षमता के साथ कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान तकनीकी उपकरणों की कार्यशीलता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी को तत्काल दूर किया जाए।

संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा ने कहा कि बाढ़ संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक मशीनरी एवं उपकरणों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित की जाए। जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए तथा ऐसी सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी जाएं, जिनसे भारी वर्षा के दौरान आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।

बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-प्रशासन प्रकाश चंद्र, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, सिंचाई विभाग, यूजेवीएनएल, केन्द्रीय जल आयोग, टिहरी हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन, एनटीपीसी जोशीमठ, एनएचपीसी टनकपुर एवं धौलीगंगा, जीवीके अलकनंदा परियोजना, जेपी ग्रुप विष्णुप्रयाग तथा मौसम विज्ञान केन्द्र देहरादून के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

Back To Top