Headline
गैरसैंण विधानसभा सत्र कुछ ही घंटों में स्थगित करना जनता के पैसे की बर्बादी: गणेश गोदियाल
गैरसैंण विधानसभा सत्र कुछ ही घंटों में स्थगित करना जनता के पैसे की बर्बादी: गणेश गोदियाल
पशु हेल्पलाइन 1962 पर रिस्पॉन्स नहीं मिलने से डीएम नाराज, संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश
पशु हेल्पलाइन 1962 पर रिस्पॉन्स नहीं मिलने से डीएम नाराज, संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश
आपदा प्रभावित क्षेत्र मसंदावाला के लिए जारी हुए 43 लाख, ग्रामीणों ने जताया मंत्री गणेश जोशी का आभार
आपदा प्रभावित क्षेत्र मसंदावाला के लिए जारी हुए 43 लाख, ग्रामीणों ने जताया मंत्री गणेश जोशी का आभार
देहरादून में जाम से मिलेगी निजात? डीएम ने तैयार करने के दिए मास्टर प्लान के निर्देश
देहरादून में जाम से मिलेगी निजात? डीएम ने तैयार करने के दिए मास्टर प्लान के निर्देश
SSC परीक्षा में हाईटेक नकल कराने वाले गिरोह का एक और सदस्य दिल्ली से गिरफ्तार
SSC परीक्षा में हाईटेक नकल कराने वाले गिरोह का एक और सदस्य दिल्ली से गिरफ्तार
गैरसैंण में दो विधानसभा सत्र आयोजित करना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक: सीएम धामी
गैरसैंण में दो विधानसभा सत्र आयोजित करना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक: सीएम धामी
नैनीताल में पर्यटन स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं को बढ़ावा, 31 आवेदन स्वीकृत
नैनीताल में पर्यटन स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं को बढ़ावा, 31 आवेदन स्वीकृत
हल्द्वानी में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर डीएम ने किसानों से की अपील
हल्द्वानी में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर डीएम ने किसानों से की अपील
नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, गैंगस्टर समेत 4 गिरफ्तार
नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, गैंगस्टर समेत 4 गिरफ्तार

राजभवन में ‘वन यूनिवर्सिटी – वन रिसर्च’ पर चल रहे शोध का दिया ब्यौरा

राजभवन में ‘वन यूनिवर्सिटी – वन रिसर्च’ पर चल रहे शोध का दिया ब्यौरा

आयुर्वेद में भगंदर का सफल इलाज सम्भव

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) के समक्ष उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी ने ‘वन यूनिवर्सिटी – वन रिसर्च’ पर चल रहे शोध की प्रगति के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा ‘‘क्षार सूत्र प्रबंध से भगंदर का इलाज’’ विषय पर शोध प्रबंध किया जा रहा है। राज्यपाल द्वारा पूर्व में इस योजना के अंतर्गत राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को उनकी विशेषज्ञता के आधार पर राज्य हित में शोध करने के निर्देश दिए गए थे।

कुलपति ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान विश्वविद्यालय ने भगंदर रोग से ग्रसित 182 लोगों पर शोध और उनका उपचार किया। इस शोध का उद्देश्य भगंदर जैसे जटिल रोग का प्रभावी और स्थायी समाधान प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि शोध में इस रोग का मुख्य कारण गलत दिनचर्या, अनुचित खानपान और लगातार कब्ज रहना प्रमुख हैं।

इस रोग से 24 से 54 वर्ष आयु के लोग ज्यादा पीड़ित हैं और यह समस्या पुरुषों में अधिक देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में इस रोग का इलाज सफलतापूर्वक किया जा सकता है और इसमें रोग के दोबारा होने की संभावना बेहद कम है। उन्होंने बताया कि शोध के दौरान क्षार सूत्र द्वारा सभी रोगियों का उपचार किया गया।राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा किए गए शोध कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास आयुर्वेद के प्रति लोगों के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के वैज्ञानिक आधार को मजबूत करने और इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए इस प्रकार के शोध अत्यंत आवश्यक हैं।

राज्यपाल ने कहा कि आने वाले समय में इस शोध के अंतिम निष्कर्षों को उत्तराखण्ड सरकार और भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के साथ साझा किया जाएगा, ताकि इसे व्यापक रूप से अपनाया जा सके। राज्यपाल ने कहा कि यह पहल न केवल आयुर्वेद को नई पहचान दिलाएगी, बल्कि रोगियों को प्रभावी, सुरक्षित और स्थायी उपचार प्रदान करने में भी सहायक होगी।

उन्होंने शोध टीम की मेहनत और समर्पण के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शल्य तन्त्र प्रमुख डॉ. अजय कुमार गुप्ता, डॉ. पंकज बच्चस उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top