Headline
प्रदेश दौरे पर पहुंची कांग्रेस प्रभारी ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश, संगठन मजबूती और चुनावी रणनीति पर हुआ मंथन
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया के कार्यालय का  किया शुभारंभ
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया के कार्यालय का किया शुभारंभ
डीएम अपूर्वा पाण्डे ने किया इमरजेंसी, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट समेत विभिन्न वार्डों का निरीक्षण, व्यवस्थाएं बेहतर करने के दिए निर्देश
डीएम अपूर्वा पाण्डे ने किया इमरजेंसी, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट समेत विभिन्न वार्डों का निरीक्षण, व्यवस्थाएं बेहतर करने के दिए निर्देश
आयुष मंत्री मदन कौशिक ने की विभागीय समीक्षा बैठक, आयुर्वेद-यूनानी चिकित्सा संघ की मांगों पर बनी सहमति
आयुष मंत्री मदन कौशिक ने की विभागीय समीक्षा बैठक, आयुर्वेद-यूनानी चिकित्सा संघ की मांगों पर बनी सहमति
दिव्यांगजनों को व्हील चेयर एवं सहायक उपकरण वितरित
दिव्यांगजनों को व्हील चेयर एवं सहायक उपकरण वितरित
उत्तराखंड में एसआईआर अभियान तेज: 98 फीसदी गणना फार्म वितरित, 23 फीसदी डिजिटाइज
उत्तराखंड में एसआईआर अभियान तेज: 98 फीसदी गणना फार्म वितरित, 23 फीसदी डिजिटाइज
राशन कार्ड बनवाने के आय मानकों की होगी समीक्षा- रेखा आर्या
राशन कार्ड बनवाने के आय मानकों की होगी समीक्षा- रेखा आर्या
फ्रिज में रखा गूंथा आटा कितना सुरक्षित? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
फ्रिज में रखा गूंथा आटा कितना सुरक्षित? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
रिस्पना को नया जीवन देने की तैयारी, जिला प्रशासन-नगर निगम की संयुक्त मुहिम तेज
रिस्पना को नया जीवन देने की तैयारी, जिला प्रशासन-नगर निगम की संयुक्त मुहिम तेज

महाराज ने यूसीसी में एक साल की समय सीमा के प्रावधान को किया स्पष्ट

महाराज ने यूसीसी में एक साल की समय सीमा के प्रावधान को किया स्पष्ट

देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने यूसीसी सेवाओं के लिए एक साल की समय सीमा के प्रावधान को लेकर स्पष्ट किया है कि उक्त समय सीमा का संबंध सिर्फ उच्च के तहत होने वाली शादी, विवाह, तलाक, लिव इन रिलेशन जैसे पंजीकरण से है। इसे किसी भी अन्य सेवा शर्त नियम या अधिकार से जोड़े जाने का कोई औचित्य नहीं है।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी देश या राज्य में किसी भी स्थान पर सामान्य निवास के दौरान वहां के पते पर अपना वोटर कार्ड, डीएल या अन्य दस्तावेज बनवा लेता है तो इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि उसे संबंधित देश या राज्य के मूल या स्थाई निवासी का दर्जा मिल जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मूल एवं स्थाई निवासी बनने के लिए अलग नियम है जो कि पहले से ही चले आ रहे हैं उसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने यूसीसी सेवाओं के लिए एक साल की समय सीमा के प्रावधान को स्पष्ट करते हुए कहा कि यूसीसी के तहत किया गया कोई भी पंजीकरण उत्तराखंड का स्थाई निवास या मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रधान नहीं करेगा। स्थाई निवास या मूल निवास का दर्जा केवल संबंधित प्रावधानों के तहत ही दिया जा सकता है ना कि यूसीसी के तहत। कहने तात्पर्य यह है कि यूसीसी पंजीकरण का उत्तराखंड के मूल या स्थाई निवासी प्रमाण पत्र से कोई लेना देना नहीं है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण के विषय को स्पष्ट करते हुए कहा है कि अगर कोई महिला या पुरुष उत्तराखंड में निवासरत किसी युवक या युवती के साथ लिव- इन रिलेशनशिप में रहना चाहता है या चाहती है तो उन्हें इसके लिए अनिवार्य पंजीकरण करना ही होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top