Headline
गैस संकट के बीच कमर्शियल सिलेंडरों की सामान्य सप्लाई पर रोक
गैस संकट के बीच कमर्शियल सिलेंडरों की सामान्य सप्लाई पर रोक
बीते चार साल में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण व पुननिर्माण किया गया- महाराज
बीते चार साल में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण व पुननिर्माण किया गया- महाराज
बदलती जीवनशैली और अनियमित खान-पान से बढ़ रहा किडनी रोग का खतरा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
बदलती जीवनशैली और अनियमित खान-पान से बढ़ रहा किडनी रोग का खतरा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
पौड़ी के जामलाखाल क्षेत्र में गुलदार के हमले से एक व्यक्ति की मौत
पौड़ी के जामलाखाल क्षेत्र में गुलदार के हमले से एक व्यक्ति की मौत
रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का नया पोस्टर जारी
रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का नया पोस्टर जारी
ऐतिहासिक और समावेशी बजट से प्रदेश के विकास को मिलेगी नई गति- कृषि मंत्री गणेश जोशी
ऐतिहासिक और समावेशी बजट से प्रदेश के विकास को मिलेगी नई गति- कृषि मंत्री गणेश जोशी
अवैध निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन किया सील
अवैध निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन किया सील
धामी सरकार का बजट उत्तराखंड को अग्रणी राज्यों में ले जाने का रोडमैप: डॉ. नरेश बंसल
धामी सरकार का बजट उत्तराखंड को अग्रणी राज्यों में ले जाने का रोडमैप: डॉ. नरेश बंसल
मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया ₹1.11 लाख करोड़ का बजट
मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया ₹1.11 लाख करोड़ का बजट

सुबह पेट साफ नहीं होता? रात की ये गलत आदतें बन रही हैं कब्ज की सबसे बड़ी वजह

सुबह पेट साफ नहीं होता? रात की ये गलत आदतें बन रही हैं कब्ज की सबसे बड़ी वजह

बदलती जीवनशैली और अनियमित दिनचर्या के चलते कब्ज (कॉन्स्टिपेशन) आज एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिनभर की भागदौड़ के बीच लोग रात के समय की छोटी-छोटी आदतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। यही लापरवाही धीरे-धीरे कब्ज, गैस, एसिडिटी और अन्य पाचन संबंधी परेशानियों को जन्म देती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रात का समय शरीर की प्राकृतिक सफाई और डिटॉक्स प्रक्रिया के लिए बेहद अहम होता है। इस दौरान आंतों की सक्रियता बनी रहती है, जिससे सुबह पेट साफ होने की प्रक्रिया सुचारू रहती है। लेकिन देर रात भारी भोजन, पानी की कमी और तुरंत सो जाने जैसी आदतें इस प्रक्रिया को बाधित कर देती हैं। इससे आंतों में नमी कम होने लगती है और मल सख्त हो जाता है।

आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही इस बात पर जोर देते हैं कि यदि रात में पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डाला जाए, तो पेरिस्टालसिस की गति धीमी पड़ जाती है। इसका परिणाम सुबह पेट साफ न होने के रूप में सामने आता है, जो लंबे समय में बवासीर, क्रोनिक कब्ज और सूजन जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रात के समय की कुछ गलत आदतें सीधे मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हैं। इनमें देर रात तला-भुना या भारी भोजन करना, पर्याप्त पानी न पीना, भोजन के तुरंत बाद सो जाना और रात में चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय का सेवन शामिल है। ये आदतें आंतों की कार्यक्षमता को कमजोर कर देती हैं।

यदि ये गलतियां लंबे समय तक जारी रहती हैं, तो आंतों की दीवारें अपनी लचीलापन खोने लगती हैं। इससे क्रोनिक कॉन्स्टिपेशन की स्थिति बन जाती है, जिसमें शरीर से विषैले तत्व बाहर नहीं निकल पाते। ऐसे टॉक्सिन्स रक्त में मिलकर त्वचा संबंधी समस्याएं, लगातार थकान और सिरदर्द जैसी दिक्कतें पैदा कर सकते हैं। साथ ही आंतों में संक्रमण और सूजन का खतरा भी बढ़ जाता है।

कब्ज से बचाव के लिए विशेषज्ञ सोने से पहले कुछ सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं। रात के भोजन में फाइबर युक्त आहार जैसे सलाद, सब्जियां या दलिया शामिल करना चाहिए। भोजन के बाद हल्की सैर या कम से कम 100 कदम चलना पाचन क्रिया को सक्रिय रखता है। इसके अलावा सोने से पहले एक गिलास गुनगुना पानी पीना आंतों को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। भोजन और नींद के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतर रखना भी जरूरी बताया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कब्ज कोई असाध्य बीमारी नहीं, बल्कि शरीर की ओर से दी गई चेतावनी है। यदि समय रहते अपनी रात की दिनचर्या में सुधार कर लिया जाए, तो न केवल कब्ज से राहत मिल सकती है, बल्कि ऊर्जा स्तर और मानसिक शांति में भी सुधार होता है। एक स्वस्थ पाचन तंत्र ही स्वस्थ शरीर और संतुलित जीवन की नींव माना जाता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की जानकारियों पर आधारित है।

(साभार)

Back To Top