Headline
कांवड़ मेले के चलते हरिपुरकलां क्षेत्र के स्कूल 11 अगस्त तक बंद, ऑनलाइन होगी पढ़ाई- जिलाधिकारी
कांवड़ मेले के चलते हरिपुरकलां क्षेत्र के स्कूल 11 अगस्त तक बंद, ऑनलाइन होगी पढ़ाई- जिलाधिकारी
कुमाऊं आयुक्त ने आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागियों को समझाए कमिश्नरी के कार्य
कुमाऊं आयुक्त ने आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागियों को समझाए कमिश्नरी के कार्य
सेवा सप्ताह के तहत कालसी में निःशुल्क चिकित्सा शिविर, 150 लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
सेवा सप्ताह के तहत कालसी में निःशुल्क चिकित्सा शिविर, 150 लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
समग्र शिक्षा का बजट खर्च न होने पर शिक्षा मंत्री ने लगाई फटकार, समीक्षा बैठक में अधिकारियों के कसे पेंच
समग्र शिक्षा का बजट खर्च न होने पर शिक्षा मंत्री ने लगाई फटकार, समीक्षा बैठक में अधिकारियों के कसे पेंच
मंत्री राम सिंह कैड़ा का सख्त रुख, चाफी–पदमपुरी-धारी मोटर मार्ग पर सोलिंग कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश
मंत्री राम सिंह कैड़ा का सख्त रुख, चाफी–पदमपुरी-धारी मोटर मार्ग पर सोलिंग कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश
भगवानपुर से समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ, सीएम धामी ने किया कलश यात्रा का नेतृत्व
भगवानपुर से समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ, सीएम धामी ने किया कलश यात्रा का नेतृत्व
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) बनी उत्तराखंड समेत देश के गरीब के लिए संजीवनी:डा. नरेश बंसल
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) बनी उत्तराखंड समेत देश के गरीब के लिए संजीवनी:डा. नरेश बंसल
देहरादून में मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज, 5.47 लाख मतदाताओं को नोटिस
देहरादून में मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज, 5.47 लाख मतदाताओं को नोटिस
मुख्यमंत्री धामी का संकल्प बना 232 परिवारों की मुस्कान, प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सपनों का आशियाना
मुख्यमंत्री धामी का संकल्प बना 232 परिवारों की मुस्कान, प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सपनों का आशियाना

क्या घंटों कुर्सी पर बैठे रहना बन रहा है हार्ट अटैक की वजह? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

क्या घंटों कुर्सी पर बैठे रहना बन रहा है हार्ट अटैक की वजह? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

बदलती जीवनशैली और बढ़ते काम के दबाव के बीच हृदय रोगों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि अब कम उम्र के लोग भी हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे सिर्फ खराब खानपान या तनाव ही नहीं, बल्कि घंटों तक लगातार बैठे रहने की आदत भी एक बड़ा कारण बनकर उभरी है।

साइलेंट खतरा बन रही है निष्क्रिय जीवनशैली

आज के दौर में बड़ी संख्या में लोग ऑफिस, घर या अन्य कार्यस्थलों पर कई घंटे लगातार बैठकर काम करते हैं। कंप्यूटर और लैपटॉप के सामने बिताया जाने वाला लंबा समय शरीर की गतिविधियों को सीमित कर देता है, जिसका सीधा असर हृदय स्वास्थ्य पर पड़ता है।

हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर में रक्त संचार की गति धीमी हो जाती है। इससे ब्लड क्लॉट बनने, मोटापा बढ़ने और मेटाबॉलिज्म प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है। समय के साथ ये समस्याएं धमनियों को नुकसान पहुंचाती हैं और हार्ट अटैक तथा स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका बढ़ा देती हैं।

युवाओं में बढ़ रहा है जोखिम

विशेषज्ञ बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में युवाओं में हृदय संबंधी समस्याओं के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसका एक प्रमुख कारण शारीरिक गतिविधियों में कमी और लंबे समय तक निष्क्रिय रहना है।

कार्डियोलॉजिस्टों का कहना है कि स्वस्थ भोजन और धूम्रपान से दूरी बनाए रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी नियमित रूप से शरीर को सक्रिय रखना भी है। लगातार बैठे रहने से ब्लड शुगर का स्तर प्रभावित होता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है, जो हृदय रोगों का खतरा बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है।

काम के दौरान अपनाएं ये आसान उपाय

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि आपका काम लंबे समय तक बैठकर करने वाला है, तो हर 30 से 40 मिनट में कुछ मिनट के लिए सीट से उठें और टहलें। सीढ़ियों का इस्तेमाल करें, हल्की स्ट्रेचिंग करें या कुछ स्क्वैट्स लगाएं। इससे शरीर में रक्त संचार बेहतर बना रहता है।

दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

डॉक्टरों के मुताबिक हृदय को मजबूत बनाए रखने के लिए रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट तक वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज करनी चाहिए। इसके अलावा धूम्रपान और शराब से दूरी, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार भी बेहद जरूरी हैं।

फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माने जाते हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हार्ट अटैक समेत कई गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।

(साभार)

Back To Top