Headline
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का सख्त एक्शन, मेहुवाला में 10 बीघा जमीन पर विकसित हो रही अवैध कॉलोनी ध्वस्त
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का सख्त एक्शन, मेहुवाला में 10 बीघा जमीन पर विकसित हो रही अवैध कॉलोनी ध्वस्त
चारधाम यात्रा पर राजनीति न करें- सीएम धामी
चारधाम यात्रा पर राजनीति न करें- सीएम धामी
महिला आरक्षण पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा विपक्ष- सीएम धामी
महिला आरक्षण पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा विपक्ष- सीएम धामी
सिक्किम के लोगों ने अपने व्यवहार और देशप्रेम से जीता पूरे देश का दिल- पीएम मोदी
सिक्किम के लोगों ने अपने व्यवहार और देशप्रेम से जीता पूरे देश का दिल- पीएम मोदी
“पौड़ी प्रगति पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ, विकास कार्यों की निगरानी होगी अब डिजिटल
“पौड़ी प्रगति पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ, विकास कार्यों की निगरानी होगी अब डिजिटल
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने हाईस्कूल परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल करने पर साक्षी को किया सम्मानित
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने हाईस्कूल परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल करने पर साक्षी को किया सम्मानित
देहरादून में भीषण गर्मी का कहर, तापमान 38 डिग्री के पार
देहरादून में भीषण गर्मी का कहर, तापमान 38 डिग्री के पार
मुख्यमंत्री धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

कान में आती है सायं-सायं की आवाज तो हो जाएं सावधान, हो सकती है खतरनाक बीमारी

कान में आती है सायं-सायं की आवाज तो हो जाएं सावधान, हो सकती है खतरनाक बीमारी

क्या आपके कान से भी साईं-साईं की आवाज आ रही है, ऐसा लगता है कि कान में कोई सीटी बजा रहा है, अगर हां तो तुरंत सावधान हो जाइए, क्योंकि ये खतरनाक बीमारी के लक्षण हो सकते हैं. इस तरह की आवाज आना टिनिटस बीमारी का लक्षण है. अगर समय रहते इसका इलाज नहीं किया जाए तो बहरा होने तक का खतरा हो सकता है. इससे मानसिक परेशानी भी घेर सकती है. दरअसल, ऐसा कान के नर्व में गड़बड़ी की वजह से होता है, जिसे दवा या सर्जरी से कम किया जा सकता है. हालांकि, ज्यादा डैमेज होने पर सोने-जागने, काम करते समय परेशान कर सकता है।

टिनिटस बीमारी क्यों होती है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कई बार कान में छोटे से ब्लॉकेज के कारण भी टिनिटस हो सकता है. इसके अलावा, तेज आवाज से हियरिंग लॉस, कान में इंफेक्शन, साइनस इंफेक्शन, हार्ट डिजीज, सर्कुलेटरी सिस्टम में इंफेक्शन, ब्रेन ट्यूमर, हार्मोनल बदलाव, थायराइड बढऩे से भी कान में सीटी सी आवाज आ सकती है।

टिनिटस कब खतरनाक
अगर आप इस बीमारी को बार-बार नजरअंदाज करते हैं तो फेशियल पैरालिसिस होने का खतरा बढ़ सकता है. हमेशा-हमेशा के लिए बहरे भी हो सकते हैं. कई बार तो इस आवाज से परेशान होकर इंसान अपनी जान तक देने की कोशिश कर सकता है. ऐसे में जरूरी है कि डॉक्टर से मिलकर थेरेपी की मदद से इसका इलाज करवाएं।

कान में आवाज आने का इलाज

साउंड बेस्ड थेरेपी
टिनिटस के लक्षण कम करने के लिए साउंड बेस्ड थेरेपी कारगर हो सकती है. इसमें यंत्रों की मदद से बाहर की आवाज को बढ़ाया जाता है और दिमाग तक इस आवाज को पहुंचने से छुटकारा दिलाया जाता है. हियरिंग एड, साउंड मास्किंग डिवाइस, कस्टमाइज्ड साउंड मशीन या कान में लगाए जाने वाले यंत्र इसी के उदाहरण हैं।

बिहेवियरल थेरेपी
टिनिटस बहुत ज्यादा इमोशनल स्ट्रेस, डिप्रेशन, इंसोमनिया से भी होता है. इसका इलाज करने के लिए तरह तरह के बिहैवियर थेरेपी की हेल्प ली जाती है. कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी, प्रोग्रेसिव टिनिटस मैनेजमेंट की मदद से इस आवाज से छुटकारा दिलाने की कोशिश की जाती है।

दवाईयों की मदद
टिनिटस को मैनेज करने के लिए एंटी एंग्जायटी ड्रग, एंटी डिप्रेशन जैसी दवाईयां दी जाती हैं. लक्षणों के आधार पर डॉक्टर दवा देते हैं।

लाइफस्टाइल में बदलाव
मानसिक रुप से दबाव में होने पर टिनिटस के लक्षण बढ़ सकते हैं. तनाव और एंग्जाइटी दूर करने के लिए एक्सरसाइज, योगा, मेडिटेशन, सहि डाइट और बेहतर सोशल लाइफ पर ध्यान देना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top