Headline
उत्तराखण्ड पुलिस में संदिग्ध अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्रों के आधार पर हुई नियुक्तियों की हो उच्चस्तरीय जांच
उत्तराखण्ड पुलिस में संदिग्ध अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्रों के आधार पर हुई नियुक्तियों की हो उच्चस्तरीय जांच
सभी विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर रहें- सीएम
सभी विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर रहें- सीएम
भारी बारिश और भूस्खलन के चलते दो दिन के लिए रोकी गई चारधाम यात्रा
भारी बारिश और भूस्खलन के चलते दो दिन के लिए रोकी गई चारधाम यात्रा
पुल और उसका स्ट्रक्चर पूरी तरह सुरक्षित- महाराज
पुल और उसका स्ट्रक्चर पूरी तरह सुरक्षित- महाराज
SDRF ने तिलवाड़ा में नदी के बीच टापू पर फंसी तीन महिलाओं का किया सफल रेस्क्यू
SDRF ने तिलवाड़ा में नदी के बीच टापू पर फंसी तीन महिलाओं का किया सफल रेस्क्यू
स्वच्छ, आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था के निर्माण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री
स्वच्छ, आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था के निर्माण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री
श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम घोषित, शुभमन गिल को मिली कप्तानी
श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम घोषित, शुभमन गिल को मिली कप्तानी
उत्तराखंड में एंट्री को तैयार “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)”? 2027 से पहले मचा सियासी बवाल
उत्तराखंड में एंट्री को तैयार “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)”? 2027 से पहले मचा सियासी बवाल
भारी बारिश से केदारनाथ हाईवे कई जगह बाधित, बोल्डर और मलबा गिरने से रुकी आवाजाही
भारी बारिश से केदारनाथ हाईवे कई जगह बाधित, बोल्डर और मलबा गिरने से रुकी आवाजाही

क्या आप भी खाते हैं रोजाना तला-भुना खाना? तो बढ़ सकता है इन गंभीर बीमारियों का खतरा

क्या आप भी खाते हैं रोजाना तला-भुना खाना? तो बढ़ सकता है इन गंभीर बीमारियों का खतरा

चटपटे और कुरकुरे खाने का नाम आते ही समोसे, पकौड़े, कचौड़ी और फ्रेंच फ्राइज जैसे स्नैक्स सबसे पहले याद आते हैं। स्वाद के मामले में ये भले ही लोगों की पहली पसंद हों, लेकिन इनका जरूरत से ज्यादा सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तले हुए खाद्य पदार्थों में कैलोरी, ट्रांस फैट और संतृप्त वसा की मात्रा अधिक होती है, जो समय के साथ कई बीमारियों को जन्म दे सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, बार-बार गर्म किए गए तेल में बने खाद्य पदार्थ शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) बढ़ाने के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं। हालांकि कभी-कभार सीमित मात्रा में इनका सेवन नुकसानदायक नहीं माना जाता, लेकिन यदि तली हुई चीजें रोजमर्रा के खानपान का हिस्सा बन जाएं तो स्थिति चिंताजनक हो सकती है।

बढ़ सकता है मोटापे का खतरा

तले हुए खाद्य पदार्थों में कैलोरी की मात्रा सामान्य भोजन की तुलना में अधिक होती है। नियमित रूप से ऐसे खाद्य पदार्थ खाने से शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने लगती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ सकता है। मोटापा आगे चलकर कई अन्य गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है।

दिल की सेहत पर पड़ता है असर

विशेषज्ञों के अनुसार तली हुई चीजों में मौजूद ट्रांस फैट और संतृप्त वसा शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को बढ़ाते हैं। इससे धमनियों में वसा जमा होने लगती है और हृदय रोग, हार्ट अटैक तथा स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या

अधिकांश तले हुए स्नैक्स में नमक की मात्रा भी ज्यादा होती है। जरूरत से ज्यादा सोडियम का सेवन रक्तचाप को बढ़ा सकता है। लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से हृदय, किडनी और मस्तिष्क पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

डायबिटीज का जोखिम भी बढ़ सकता है

कुछ शोधों में पाया गया है कि अत्यधिक तला हुआ भोजन खाने वालों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा अधिक हो सकता है। इसकी वजह वजन बढ़ना और शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव माना जाता है।

पाचन तंत्र को पहुंचता है नुकसान

तेल और मसालों से भरपूर भोजन को पचाने में शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके कारण गैस, अपच, एसिडिटी, पेट फूलना और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों को पहले से पाचन संबंधी परेशानी है, उनके लिए तला-भुना खाना और भी नुकसानदायक साबित हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल का स्तर हो सकता है असंतुलित

तली हुई चीजों का अधिक सेवन शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) को कम और खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को बढ़ा सकता है। इससे रक्त वाहिकाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

संतुलित आहार है बेहतर विकल्प

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए ताजे और कम तेल में बने भोजन को प्राथमिकता दें। फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त आहार को नियमित भोजन में शामिल करना शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों और विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स में उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या आहार संबंधी बदलाव से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

(साभार)

Back To Top