Headline
श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम घोषित, शुभमन गिल को मिली कप्तानी
श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम घोषित, शुभमन गिल को मिली कप्तानी
उत्तराखंड में एंट्री को तैयार “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)”? 2027 से पहले मचा सियासी बवाल
उत्तराखंड में एंट्री को तैयार “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)”? 2027 से पहले मचा सियासी बवाल
भारी बारिश से केदारनाथ हाईवे कई जगह बाधित, बोल्डर और मलबा गिरने से रुकी आवाजाही
भारी बारिश से केदारनाथ हाईवे कई जगह बाधित, बोल्डर और मलबा गिरने से रुकी आवाजाही
भारी बारिश के बीच डीएम मैदान में, क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द बहाल करने के निर्देश
भारी बारिश के बीच डीएम मैदान में, क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द बहाल करने के निर्देश
दिव्यांगजनों को मिली कानूनी संरक्षकता की राह, 12 मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय
दिव्यांगजनों को मिली कानूनी संरक्षकता की राह, 12 मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय
राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने वित्त सचिव रणवीर सिंह चौहान से की शिष्टाचार भेंट
राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने वित्त सचिव रणवीर सिंह चौहान से की शिष्टाचार भेंट
करोड़ों की लागत से बना नंदा की चौकी का नया पुल धंसा, प्रशासन ने रोकी आवाजाही
करोड़ों की लागत से बना नंदा की चौकी का नया पुल धंसा, प्रशासन ने रोकी आवाजाही
ऋषिकेश उप जिला चिकित्सालय के स्वास्थ्य शिविर में तीसरे दिन 795 मरीजों ने उठाया लाभ
ऋषिकेश उप जिला चिकित्सालय के स्वास्थ्य शिविर में तीसरे दिन 795 मरीजों ने उठाया लाभ
अवैध निर्माण पर एमडीडीए का एक्शन तेज, देहरादून और ऋषिकेश में दो निर्माण सील
अवैध निर्माण पर एमडीडीए का एक्शन तेज, देहरादून और ऋषिकेश में दो निर्माण सील

बार-बार रहता है कमर या पैरों में दर्द? तो न करें नज़रअंदाज, हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत

बार-बार रहता है कमर या पैरों में दर्द? तो न करें नज़रअंदाज, हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत

अक्सर लोग कमर या पैरों में दर्द को सामान्य थकान या दिनभर की भागदौड़ का नतीजा मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह दर्द कई बार शरीर में छिपी किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है? यह परेशानी न सिर्फ आपकी दिनचर्या को प्रभावित करती है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने पर चलने-फिरने में दिक्कत और स्थायी नुकसान का कारण भी बन सकती है।

आज की व्यस्त जीवनशैली, लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत पोस्चर और व्यायाम की कमी—ये सभी कारण इस तरह के दर्द को बढ़ावा देते हैं। हालांकि, सिर्फ जीवनशैली ही नहीं, बल्कि रीढ़ की हड्डी, नसों या रक्त संचार से जुड़ी बीमारियां भी इस दर्द के पीछे जिम्मेदार हो सकती हैं।

आइए जानते हैं, कमर से पैरों तक दर्द के चार प्रमुख कारण, जिन्हें हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है—

साइटिका (Sciatica)

साइटिका एक ऐसी स्थिति है, जिसमें कमर से लेकर पैरों तक जाने वाली साइटिक नस पर दबाव पड़ता है। इसके कारण तीखा, जलनभरा या चुभन जैसा दर्द महसूस होता है। यह दर्द आमतौर पर एक पैर में ज्यादा होता है और लंबे समय तक बैठने या झुकने पर बढ़ जाता है।

अगर आपको पैर में अचानक झटके जैसा दर्द या झुनझुनी महसूस होती है, तो यह साइटिका का संकेत हो सकता है।

स्लिप डिस्क (Slip Disc)

जब रीढ़ की हड्डियों के बीच की डिस्क अपने स्थान से खिसक जाती है, तो यह आसपास की नसों पर दबाव डालती है। इससे कमर, पैरों या कभी-कभी गर्दन तक दर्द फैल सकता है। साथ ही पैरों या पंजों में झुनझुनी, सुन्नपन या कमजोरी भी महसूस हो सकती है।

यह दर्द झुकने या भारी सामान उठाने पर बढ़ जाता है, इसलिए तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

स्पाइनल स्टेनोसिस (Spinal Stenosis)

उम्र बढ़ने के साथ रीढ़ की हड्डी की जगह संकरी होने लगती है, जिससे नसें दब जाती हैं। इस स्थिति को स्पाइनल स्टेनोसिस कहते हैं। इसमें व्यक्ति को चलने या लंबे समय तक खड़े रहने पर कमर और पैरों में दर्द होता है, जबकि आराम करने पर राहत मिलती है।

अगर चलते-चलते पैरों में भारीपन या सुन्नता महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें।

पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (Peripheral Artery Disease – PAD)

यह बीमारी तब होती है जब पैरों की धमनियां संकरी हो जाती हैं, जिससे खून का प्रवाह कम हो जाता है। इसके कारण चलने या व्यायाम के दौरान पैरों में दर्द, ऐंठन या भारीपन महसूस होता है।

आराम करने पर दर्द कुछ देर में ठीक हो जाता है, लेकिन यह हृदय रोग का संकेत भी हो सकता है, इसलिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

सावधानी ही सुरक्षा है

अगर आपका दर्द लंबे समय से बना हुआ है या चलने-फिरने में मुश्किल पैदा कर रहा है, तो इसे “साधारण थकान” समझने की भूल न करें। समय पर जांच और उपचार से न केवल दर्द कम किया जा सकता है, बल्कि गंभीर बीमारियों से भी बचा जा सकता है।

(साभार)

Back To Top