Headline
बीकेटीसी बोर्ड बैठक में अहम फैसले, द्वितीय चरण की चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज
बीकेटीसी बोर्ड बैठक में अहम फैसले, द्वितीय चरण की चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज
जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के निधन से शोक की लहर,मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुःख
जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के निधन से शोक की लहर,मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुःख
गणेश जोशी के आय से अधिक संपत्ति मामले पर सियासत तेज, हाईकोर्ट के आदेश को लेकर आमने-सामने आए मंत्री और याचिकाकर्ता
गणेश जोशी के आय से अधिक संपत्ति मामले पर सियासत तेज, हाईकोर्ट के आदेश को लेकर आमने-सामने आए मंत्री और याचिकाकर्ता
केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियों का एसपी ने लिया जायजा, रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक किया निरीक्षण
केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियों का एसपी ने लिया जायजा, रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक किया निरीक्षण
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
बदरी-केदार यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज, मंदिर समिति ने लिया जायजा
बदरी-केदार यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज, मंदिर समिति ने लिया जायजा
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज, सीसीटीवी और भीड़ प्रबंधन पर बीकेटीसी का फोकस
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज, सीसीटीवी और भीड़ प्रबंधन पर बीकेटीसी का फोकस
ग्वीनखाल इंटर कॉलेज में किशोर-किशोरियों को पॉक्सो एक्ट और नशे से बचाव की दी जानकारी
ग्वीनखाल इंटर कॉलेज में किशोर-किशोरियों को पॉक्सो एक्ट और नशे से बचाव की दी जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया और इथियोपिया के प्रधानमंत्रियों से की मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया और इथियोपिया के प्रधानमंत्रियों से की मुलाकात

भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए उत्तराखंड के चार जिलों में लगेगा अर्ली वार्निंग सिस्टम

भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए उत्तराखंड के चार जिलों में लगेगा अर्ली वार्निंग सिस्टम

जीएसआई ने शुरू किया परीक्षण, समय रहते मिलेगी चेतावनी

देहरादून। उत्तराखंड में भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) जल्द ही चार जिलों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहा है। वर्तमान में इस सिस्टम का परीक्षण चल रहा है और सफलता मिलने के बाद इसे उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिलों में स्थापित किया जाएगा। इससे समय रहते चेतावनी जारी की जा सकेगी और जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

जीएसआई देहरादून के निदेशक रवि नेगी ने बताया कि यह तकनीक भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाएगी। वहीं, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि अर्ली वार्निंग सिस्टम से न केवल पूर्वानुमान और सुरक्षा उपाय मजबूत होंगे, बल्कि स्थानीय लोगों को भी समय रहते सतर्क किया जा सकेगा।

सचिव सुमन ने भूस्खलन आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर आयोजित कार्यशाला में कहा कि शोध संस्थानों द्वारा किए गए अध्ययनों को सरल भाषा में साझा किया जाना चाहिए ताकि विभाग आम जनता को जागरूक कर सके। उन्होंने जोर दिया कि पूर्वानुमान जारी करने के बाद इतना समय जरूर मिलना चाहिए कि लोग सुरक्षा के कदम उठा सकें।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि राज्य में अधिकांश भूस्खलन बारिश के दौरान होते हैं और चमोली जिला सबसे अधिक प्रभावित है। आईआईआरएस के वैज्ञानिक डॉ. सोवन लाल ने कहा कि उपग्रह और ड्रोन तकनीक से संवेदनशील इलाकों की निगरानी और अध्ययन किया जा सकता है।

जीएसआई उप महानिदेशक संजीव कुमार और डॉ. हरीश बहुगुणा ने बताया कि रियल-टाइम डेटा मिलने पर अर्ली वार्निंग सिस्टम के नतीजे और बेहतर होते हैं। साथ ही, राज्य में कितने ऑल वेदर स्टेशन की जरूरत है, इस पर भी चर्चा की गई।

कार्यशाला में जीएसआई और आपदा प्रबंधन विभाग के बीच एक एमओयू भी साइन हुआ, जिससे शोध और सूचनाओं का आदान-प्रदान और अधिक सहज हो सकेगा। इस अवसर पर वाडिया संस्थान, सीबीआरआई सहित 28 संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।

Back To Top