Headline
जौनपुर क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज निर्माण की घोषणा, प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान
जौनपुर क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज निर्माण की घोषणा, प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान का घर-घर चरण शुरू, बीएलओ ने गणना प्रपत्रों का वितरण किया प्रारंभ
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान का घर-घर चरण शुरू, बीएलओ ने गणना प्रपत्रों का वितरण किया प्रारंभ
चारधाम यात्रा मार्गों पर एमआरपी से अधिक वसूली बर्दाश्त नहीं, होगी सख्त कार्रवाई : आयुक्त
चारधाम यात्रा मार्गों पर एमआरपी से अधिक वसूली बर्दाश्त नहीं, होगी सख्त कार्रवाई : आयुक्त
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत

चारधाम यात्रा में नकली कस्तूरी और शिलाजीत की धड़ल्ले से बिक्री, वन विभाग बेखबर

चारधाम यात्रा में नकली कस्तूरी और शिलाजीत की धड़ल्ले से बिक्री, वन विभाग बेखबर

उत्तरकाशी: चारधाम यात्रा के पवित्र अवसर पर जहाँ लाखों श्रद्धालु ईश्वर के दर्शन के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे तीर्थ स्थलों का रुख कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नकली कस्तूरी, शेर के पंजे और शिलाजीत की अवैध बिक्री यात्रियों के विश्वास और प्रदेश की जैव विविधता दोनों पर सवाल खड़े कर रही है।

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम क्षेत्र में एक संगठित गिरोह नकली और प्रतिबंधित वस्तुएं खुलेआम बेच रहा है। इन लोगों का दावा है कि ये उत्पाद उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों या नेपाल से लाए गए हैं, और खुद को स्थानीय निवासी या नेपाल का नागरिक बताकर यात्रियों को भ्रमित कर रहे हैं।

कस्तूरी में मिलाया जा रहा इत्र, शिलाजीत और रुद्राक्ष भी फर्जी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, नकली कस्तूरी पर इत्र छिड़ककर उसे असली दर्शाया जा रहा है, जबकि शिलाजीत व रुद्राक्ष को भी नेपाल या ऊंचाई वाले जंगलों का उत्पाद बताकर बेचा जा रहा है। एक मुखी से पंचमुखी रुद्राक्ष तक की आड़ में यात्रियों से भारी धन वसूली हो रही है।

स्थानीय निवासी सतेंद्र सेमवाल बताते हैं कि ये विक्रेता महाराष्ट्र, हरिद्वार और हैदराबाद जैसे स्थानों से आकर खुद को पहाड़ी बताते हैं, जिससे यात्री आसानी से भ्रमित हो जाते हैं। उनके अनुसार, प्रशासन की अनदेखी से यह धंधा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है।

प्रशासनिक चुप्पी से गहरी होती चिंता
हालांकि वन विभाग के डीएफओ डीपी बलूनी का कहना है कि यह सामान नकली होता है और समय-समय पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान करती है। अब तक कोई ठोस और सतत अभियान देखने को नहीं मिला है, जिससे इस अवैध व्यापार पर लगाम लगाई जा सके।

धार्मिक यात्रियों से हो रही ठगी और जैव विविधता को खतरा
चारधाम यात्रा की पवित्रता पर ऐसे नकली व्यापार से प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। इसके साथ ही जैविक संपदा जैसे कस्तूरी मृग, दुर्लभ जड़ी-बूटियाँ और संरक्षित प्रजातियाँ भी इस झूठे व्यापार की आड़ में बदनाम हो रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top