Headline
रोहतक में नाबालिग छात्रा के अपहरण और यौन शोषण मामले में 8 दोषियों को उम्रकैद
रोहतक में नाबालिग छात्रा के अपहरण और यौन शोषण मामले में 8 दोषियों को उम्रकैद
कोटद्वार में नवंबर के अंतिम सप्ताह में वृहद रोजगार मेला प्रस्तावित
कोटद्वार में नवंबर के अंतिम सप्ताह में वृहद रोजगार मेला प्रस्तावित
उरई में डेढ़ साल के मासूम की मौत, मां पर हत्या का आरोप; पुलिस ने हिरासत में लिया
उरई में डेढ़ साल के मासूम की मौत, मां पर हत्या का आरोप; पुलिस ने हिरासत में लिया
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 2 करोड़ 84 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 2 करोड़ 84 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित
हरिद्वार के होटल में देह व्यापार की सूचना पर छापा, एक महिला समेत तीन गिरफ्तार; दो महिलाएं बरामद
हरिद्वार के होटल में देह व्यापार की सूचना पर छापा, एक महिला समेत तीन गिरफ्तार; दो महिलाएं बरामद
04 एवं 05 दिसम्बर को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरेगी हिमालयन कार रैली
04 एवं 05 दिसम्बर को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरेगी हिमालयन कार रैली
दीपावली पर अग्नि सुरक्षा को लेकर देहरादून अलर्ट, 41 स्थानों पर पानी के टैंकर तैयार
दीपावली पर अग्नि सुरक्षा को लेकर देहरादून अलर्ट, 41 स्थानों पर पानी के टैंकर तैयार
हर मौसम में ठंडे रहते हैं पैर? ब्लड सर्कुलेशन से लेकर थायरॉयड तक, इन 5 बीमारियों का हो सकता है संकेत
हर मौसम में ठंडे रहते हैं पैर? ब्लड सर्कुलेशन से लेकर थायरॉयड तक, इन 5 बीमारियों का हो सकता है संकेत
28 किसानों का दल सेब की अति सघन बागवानी का प्रशिक्षण लेने हिमाचल रवाना
28 किसानों का दल सेब की अति सघन बागवानी का प्रशिक्षण लेने हिमाचल रवाना

गोल्डन कार्ड सुविधा बंद: जनता के स्वास्थ्य अधिकारों पर संकट गहराया

गोल्डन कार्ड सुविधा बंद: जनता के स्वास्थ्य अधिकारों पर संकट गहराया

गोल्डन कार्ड- आम नागरिकों की बढ़ी मुश्किलें 

क्या अब आयुष्मान कार्ड भी खतरे में?

देहरादून। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बड़ा झटका लगा है। सरकार ने गोल्डन कार्ड सुविधा को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है, जिससे लाखों सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को चिकित्सा लाभ से वंचित होना पड़ेगा। इस फैसले से जनता में भारी आक्रोश है और कई सवाल खड़े हो गए हैं—क्या अब आयुष्मान कार्ड भी इसी राह पर चलने वाला है?

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। निजी अस्पतालों की मनमानी, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था से पहले ही आम नागरिक जूझ रहे थे। अब गोल्डन कार्ड जैसी महत्वपूर्ण योजना के बंद होने से संकट और गहरा गया है।

क्या सिर्फ विदेश यात्राओं तक सीमित है सुधार का वादा?

आश्चर्य की बात यह है कि सरकार और अधिकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार के नाम पर विदेशी दौरों का लुत्फ उठाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है। सवाल यह उठता है कि क्या ये विदेश यात्राएं महज पिकनिक तक सीमित हैं या फिर इनका कोई ठोस परिणाम भी निकलता है?

जनता और कर्मचारियों का फूटा गुस्सा

प्रदेश के सरकारी कर्मचारी और आम जनता इस फैसले के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बिना किसी ठोस कारण के इस लाभ से वंचित किया जा रहा है, जबकि यह उनके वेतन और सुविधाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।

जनहित में तुरंत बहाल हो गोल्डन कार्ड

विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस निर्णय को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह जनता की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दे और राजनीतिक फैसलों से हटकर आम नागरिकों के हित में काम करे।

सरकार के इस कदम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की संभावनाएं भी तेज हो गई हैं। यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो जनता और कर्मचारी बड़े आंदोलन के लिए मजबूर हो सकते हैं। प्रदेश हित और जनहित में गोल्डन कार्ड सुविधा को तुरंत बहाल करना ही सरकार के लिए एकमात्र सही कदम होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top