Headline
मुख्यमंत्री धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
दर्दनाक सड़क हादसा- गहरी खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत
दर्दनाक सड़क हादसा- गहरी खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत
इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य- मुख्यमंत्री
इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य- मुख्यमंत्री
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से भूतपूर्व सैनिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से भूतपूर्व सैनिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत

समस्त प्रदेशवासियों को राज्यपाल गुरमीत सिंह ने दी लोकपर्व हरेला की शुभकामनाएं

समस्त प्रदेशवासियों को राज्यपाल गुरमीत सिंह ने दी लोकपर्व हरेला की शुभकामनाएं

लोक संस्कृति, प्रकृति और पर्यावरण के साथ जुड़ाव का प्रतीक है हरेला पर्व 

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने प्रदेशवासियों को लोकपर्व हरेला की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को समर्पित ‘हरेला’ पर्व उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपरा और प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन का पर्व है।

हरेला पर्व हमारी लोक संस्कृति, प्रकृति और पर्यावरण के साथ जुड़ाव का भी प्रतीक है। हमारी प्रकृति को महत्व देने की हमारी परंपरा रही है और हम प्रकृति के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं। हमारी इन परंपराओं का वैज्ञानिक आधार भी है। हमें उत्तराखंड की पर्यावरण हितैषी परंपराओं को आगे बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top