Headline
गैरसैंण विधानसभा सत्र कुछ ही घंटों में स्थगित करना जनता के पैसे की बर्बादी: गणेश गोदियाल
गैरसैंण विधानसभा सत्र कुछ ही घंटों में स्थगित करना जनता के पैसे की बर्बादी: गणेश गोदियाल
पशु हेल्पलाइन 1962 पर रिस्पॉन्स नहीं मिलने से डीएम नाराज, संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश
पशु हेल्पलाइन 1962 पर रिस्पॉन्स नहीं मिलने से डीएम नाराज, संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश
आपदा प्रभावित क्षेत्र मसंदावाला के लिए जारी हुए 43 लाख, ग्रामीणों ने जताया मंत्री गणेश जोशी का आभार
आपदा प्रभावित क्षेत्र मसंदावाला के लिए जारी हुए 43 लाख, ग्रामीणों ने जताया मंत्री गणेश जोशी का आभार
देहरादून में जाम से मिलेगी निजात? डीएम ने तैयार करने के दिए मास्टर प्लान के निर्देश
देहरादून में जाम से मिलेगी निजात? डीएम ने तैयार करने के दिए मास्टर प्लान के निर्देश
SSC परीक्षा में हाईटेक नकल कराने वाले गिरोह का एक और सदस्य दिल्ली से गिरफ्तार
SSC परीक्षा में हाईटेक नकल कराने वाले गिरोह का एक और सदस्य दिल्ली से गिरफ्तार
गैरसैंण में दो विधानसभा सत्र आयोजित करना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक: सीएम धामी
गैरसैंण में दो विधानसभा सत्र आयोजित करना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक: सीएम धामी
नैनीताल में पर्यटन स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं को बढ़ावा, 31 आवेदन स्वीकृत
नैनीताल में पर्यटन स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं को बढ़ावा, 31 आवेदन स्वीकृत
हल्द्वानी में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर डीएम ने किसानों से की अपील
हल्द्वानी में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर डीएम ने किसानों से की अपील
नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, गैंगस्टर समेत 4 गिरफ्तार
नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, गैंगस्टर समेत 4 गिरफ्तार

आजादी के बाद से पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध हुए मजबूत – विदेश मंत्री जयशंकर 

आजादी के बाद से पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध हुए मजबूत – विदेश मंत्री जयशंकर 

जब तक सेना चीन सीमा पर तैनात रहेगी, तब तक तनाव जारी रहेगा – जयशंकर 

वॉशिंगटन/नई दिल्ली। केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर इनदिनों अमेरिका दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने इस कार्यक्रम में चीन के साथ भारत के संबंधपर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि जब चीन की बात आती है को वे मंत्रालय में अपने सहयोगियों से प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहने के लिए कहते हैं। जयशंकर ने एक संदेश देते हुए कहा कि दुनिया किसी को भी थाली में परोसकर कुछ नहीं देती है।

जयशंकर ने कहा, “आजादी के बाद से पड़ोसियों के साथ हमारे संबंध बहुत मजबूत हो गए हैं। इसका एकमात्र कारण यह है कि हम बहुत क्षेत्रीय हो गए हैं। हमारे पड़ोसियों की भी अपनी राजनीति है और वहां भी उतार-चढ़ाव है। एक बड़े पड़ोसी के तौर पर हम राजनीतिक बहस का हिस्सा बन जाते हैं। जब चीन की बात आती है तो मैं विदेश मंत्रालय में अपने सहयोगियों से कहता हूं कि प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहें। दुनिया आपको कुछ भी परोस कर नहीं देगी।” जयशंकर ने आगे कहा, “सीमा में शांति बरकरार कैसे रखे, इसे लेकर चीन के साथ हमने समझौता किया था, लेकिन चीन ने 2020 में उन समझौतों का उल्लंघन किया। सीमा पर हमने सेना को तैनात किया है, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच तनाव है। जब तक सेना वहां तैनात रहेंगे, तब तक तनाव जारी रहेगा। अगर तनाव ऐसे ही जारी रहा तो इसका असर शेष संबंधों पर भी पड़ेगा। पिछले चार साल से हमारे संबंध अच्छे नहीं है।

“विदेश मंत्री ने कहा, “जब व्यापार की बात आती है तो मुझे लगता है विश्व स्तर पर विनिर्माण में चीन की भागेदारी 31-32 फीसदी है। कई दशकों से पश्चिमी देशों ने लाभ के लिए चीन के साथ सहयोग करना शुरू किया। इसलिए आज, किसी भी देश के लिए, अगर आप किसी भी प्रकार के विनिर्माण में हैं तो चीन से सोर्सिंग अनिवार्य है। एक स्तर पर चीन के साथ व्यापार राजनीतिक और बाकी संबंधों से लगभग स्वायत्त है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top