Headline
बिहारशरीफ में युवक को अगवा कर बनाया आपत्तिजनक वीडियो, हथियार के दम पर बैंक खातों से निकलवाए 30 हजार रुपये
बिहारशरीफ में युवक को अगवा कर बनाया आपत्तिजनक वीडियो, हथियार के दम पर बैंक खातों से निकलवाए 30 हजार रुपये
तीन बच्चों की हत्या के मामले में मां को उम्रकैद, 50 हजार रुपये का जुर्माना
तीन बच्चों की हत्या के मामले में मां को उम्रकैद, 50 हजार रुपये का जुर्माना
अमित शाह के दौरे और धनतेरस को लेकर देहरादून में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रूट डायवर्ट
अमित शाह के दौरे और धनतेरस को लेकर देहरादून में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रूट डायवर्ट
देहरादून में 5 लाख की चरस के साथ 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार, नशे के आदी लोगों को बेचने की थी तैयारी
देहरादून में 5 लाख की चरस के साथ 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार, नशे के आदी लोगों को बेचने की थी तैयारी
जिलाधिकारी ने नगर निगम श्रीनगर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की, दिए आवश्यक निर्देश
जिलाधिकारी ने नगर निगम श्रीनगर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की, दिए आवश्यक निर्देश
जिलाधिकारी ने की संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक
जिलाधिकारी ने की संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक
त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी का भंडाफोड़, पिकअप से 30 क्विंटल कद्दू बीज बरामद, चालक गिरफ्तार
भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी का भंडाफोड़, पिकअप से 30 क्विंटल कद्दू बीज बरामद, चालक गिरफ्तार
मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी

भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम

भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम

भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रख्यात व सार्वजनिक हस्तियों को जिम्मेदार व्यवहार करना चाहिए। अदालत ने निर्देश दिया कि विज्ञापन जारी करने की अनुमति से पहले केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के अनुसार, विज्ञापनदाताओं से स्वघोषणापत्र हासिल किया जाए। इस कानून का नियम 7 विज्ञापन संहिता का प्रावधान करता है जिसमें कहा गया है कि विज्ञापन देश के कानूनों के अनुरूप बनाए जाने चाहिए। अदालत पतंजलि आयुव्रेद लिमिटेड द्वारा भ्रामक विज्ञापनों से जुड़े मामले पर सुनवाई कर रही है। ये विज्ञापन निषिद्ध किए जा चुके हैं।

पीठ ने संबद्ध केंद्रीय मंत्रालयों को भी इन भ्रामक विज्ञापनों व केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण द्वारा की गई या प्रस्तावित कार्रवाई से अवगत कराने को भी कहा। प्रचार व विज्ञापन उपभोक्ता को प्रभावित करने में महती भूमिका निभाते हैं। उस पर जब यह किसी प्रख्यात या सार्वजनिक शख्सियत द्वारा किया जा रहा हो तो आम जनता को खास तौर पर प्रभावित करता है। इस मामले में तो कोविड टीकाकरण व आधुनिक चिकित्सा पण्राली को सीधा निशाना बनाया गया था जिस पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने याचिका दायर की जिस पर सुनवाई चल रही है।

इसमें संदेह नहीं कि लाभ के लोभ में कंपनियां भ्रामक प्रचार द्वारा सालों-साल जनता को बरगलाती रहती हैं। संबंधित मंत्रालय व विभाग इनके प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने से मुंह फेर लेते हैं। निराधार दावों, अतिरंजित बातों, छद्म दावों व अनुचित सूचना वाले तथा असुरक्षित उत्पादों से उपभोक्ताओं को प्रभावित कर रहे तमाम विज्ञापन अभी भी बेधडक़ प्रकाशित/प्रचारित हो रहे हैं जो बच्चों के कोमल मन को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं, युवाओं को दिग्भ्रमित व बुजुगरे को भ्रमित कर रहे हैं।

नियमों की अवहेलना करते हुए नामदार शख्सियत धन के लोभ में इनका बेतहाशा प्रचार करती हैं जिनके आधार पर कहना ज्यादती नहीं होगा कि वे उपभोक्ताओं के अधिकारों को तरजीह देने को राजी नहीं। ऐसा सिर्फ इसीलिए हो रहा है क्योंकि समूची व्यवस्था अपनी जिम्मेदारियों के प्रति घोर लापरवाही बरतती है। बात अकेले पतंजलि की नहीं है। इसे उदाहरण मान कर संबंधित मंत्रालयों व विभागों को सतर्क हो जाना चाहिए। न कि एक-एक विज्ञापन को लेकर अदालतों का दरवाजा खटखटाने वालों के इंतजार में बैठे रहना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top