Headline
देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू
देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू
12 साल – मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ विस्तार
12 साल – मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ विस्तार
मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण
मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण
मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र
कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही
कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही
देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा
देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा
फीफा विश्व कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 11 जून से होगा आगाज
फीफा विश्व कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 11 जून से होगा आगाज
फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक
फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक
दहेज की मांग को लेकर विवाहिता के साथ जघन्य अपराध पर महिला आयोग सख्त
दहेज की मांग को लेकर विवाहिता के साथ जघन्य अपराध पर महिला आयोग सख्त

ग्रामीण पर्यटन से बदलेगी उत्तराखंड की तस्वीर- डॉ. नरेश बंसल

ग्रामीण पर्यटन से बदलेगी उत्तराखंड की तस्वीर- डॉ. नरेश बंसल

देहरादून/नई दिल्ली। सदन मे शून्य काल के माध्यम से राज्यसभा सांसद एवं भाजपा राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष डा. नरेश बंसल ने देवभूमि उत्तराखण्ड में ग्रामीण पर्यटन के विकास व विश्व प्रसिद्ध चारधाम के अलावा राज्य में अन्य स्थानों पर स्थित धार्मिक महत्व के पुरातन मन्दिर श्रृंखला जैसे पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग सदन के माध्यम से केंद्र सरकार से की।

डा. नरेश बंसल ने सदन मे कहा कि ग्रामीण पर्यटन प्रकृति आधारित पर्यटन है जो प्रकृति प्रेमियों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य स्थान होता है। उन्होने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड एक पौराणिक, धार्मिक महत्व प्राकृतिक सौंदर्य के पूर्ण एक अत्यंत सुंदर क्षेत्र है, जो प्राकृतिक सुंदरता के साथ जीवन की हलचल से दूर शांतिपूर्ण विश्राम की तलाश करने वाले पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है व खास तौर पर ग्रामीण पर्यटन और गंगा, यमुना, सरस्वती, सरयू नदी विभिन्न नदियों को संजोये विदेशी पर्यटकों और अपने देश के पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है।

डा. नरेश बंसल ने सदन मे कहा कि यह गंगा स्नान और शांत माहौल के लिए जाना जाता है। विश्राम और पानी के खेल के लिए भी आदर्श है। यह शहर और क्षेत्र पर्यटकों को ट्रेकिंग, कैम्पिंग और समृद्ध वनस्पतियों की खोज का अवसर प्रदान करता है। लाखामण्डल, पाताल भुवनेश्वरी आदि प्राचीन गुफायें, शहीद स्मारक व ऐतिहासिक स्थलों का भी घर है। जो उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है। इसके अलावा कई वाटरफाॅल, जगंल और रमणीक स्थल हैं। इसके अलावा काफी पुरातन मन्दिर भी हैं जैसे लाखामण्डल, हनोल, धारी देवी लगभग हर तरफ गांव व शहर में प्राचीन धार्मिक महत्व के चिह्न विराजमान हैं।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि इसके अलावा माता गंगा पर सभी स्थानों पर धार्मिक महत्व का कार्य जहां संतोषजनक है, वहीं यमुना नदी पर घाटों का निर्माण, स्नान व्यवस्था व नित्य आरती का ठोस इंतजाम होना बाकी है। यहां पर कई पौराणिक महोत्सव, मेले होते हैं जो कि, काफी सालों से पर्यटकों का आकर्षक स्थल बन चुके हैं।

डा. नरेश बंसल ने सदन मे कहा कि उत्तराखण्ड में ऐसे कई आईडेन्टिफाइड स्थान हैं और अनडेवलप्ड विलेज हैं जिनकों हम डेवलप्ड कर सकते हैं। हम सभी जानते हैं कि पर्यटन के इस रूप के विकास के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था पर जबरदस्त प्रभाव पड़ता है। आने वाले समय में ग्रामीण पर्यटन इस देवभूमि उत्तराखण्ड क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में उभरेगा।

डा. नरेश बंसल ने सदन के माध्म से सरकार व पर्यटन मंत्री से आग्रह किया कि, उत्तराखण्ड जो  प्रधानमंत्री के दिल में बसा है के सम्पूर्ण पर्यटन विकास खासतौर पर ग्रामीण पर्यटन और यमुना घाटों का निर्माण, पौराणिक मंदिर सर्किट पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उचित कार्यक्रम बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित दें। हमें विश्वास है कि आपके महत्वपूर्ण मार्गदर्शन और उचित वित्तीय सहायता से उत्तराखण्ड की पर्यटन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।

Back To Top