Headline
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने गिनाई 12 साल की उपलब्धियां
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने गिनाई 12 साल की उपलब्धियां
भारतीय सेना ने कसौली से ‘सूर्य ग्रीन – हिमालयन ओडिसी’ ईवी अभियान को हरी झंडी दिखाई
भारतीय सेना ने कसौली से ‘सूर्य ग्रीन – हिमालयन ओडिसी’ ईवी अभियान को हरी झंडी दिखाई
अक्षय-परेश-सुनील की तिकड़ी फिर करेगी धमाल, रिलीज हुआ ‘वेलकम टू द जंगल’ का ट्रेलर
अक्षय-परेश-सुनील की तिकड़ी फिर करेगी धमाल, रिलीज हुआ ‘वेलकम टू द जंगल’ का ट्रेलर
जसपाल राणा का निधन खेल जगत और पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति- मुख्यमंत्री
जसपाल राणा का निधन खेल जगत और पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति- मुख्यमंत्री
जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को मिलेगा निःशुल्क उपचार
जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को मिलेगा निःशुल्क उपचार
मोदी सरकार ने बदली राजनीति की रीति नीति- रेखा आर्या
मोदी सरकार ने बदली राजनीति की रीति नीति- रेखा आर्या
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के देहरादून दौरे को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद, शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के देहरादून दौरे को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद, शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में हुई बर्फबारी, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में हुई बर्फबारी, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
SDRF की त्वरित कार्रवाई, नदी किनारे पत्थरों में फंसे व्यक्ति का किया सफल रेस्क्यू
SDRF की त्वरित कार्रवाई, नदी किनारे पत्थरों में फंसे व्यक्ति का किया सफल रेस्क्यू

बूढ़ाकेदार क्षेत्र की आपदा पर राज्यमंत्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल सक्रिय, मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सौंपा पत्र

बूढ़ाकेदार क्षेत्र की आपदा पर राज्यमंत्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल सक्रिय, मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सौंपा पत्र

देहरादून/घनसाली। विधानसभा घनसाली के अंतर्गत बूढ़ाकेदार क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा को लेकर उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के उपाध्यक्ष (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) वीरेंद्र दत्त सेमवाल ने उत्तराखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उन्हें पूरे हालात की गंभीरता से अवगत कराया और एक औपचारिक पत्र भी प्रेषित किया।

इस पत्र के माध्यम से सेमवाल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि बूढ़ाकेदार क्षेत्र के गेंवाली, बूढ़ाकेदार, तोली, कोट, विशन, भिगुन, पिंन्सवाड़, कोटी, अगुंड़ा, मेड-मरवाड़ी और नैलचामी जैसे गांवों को तत्काल आपदाग्रस्त गांव घोषित किया जाए, क्योंकि इन क्षेत्रों में भारी वर्षा, भूस्खलन, जमीन धंसाव और सड़क संपर्क टूटने जैसी घटनाओं ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।

उन्होंने बताया कि कई गांवों में घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, खेत-खलिहान बह गए हैं, पेयजल स्रोत नष्ट हो चुके हैं और सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं। हजारों लोग गहरी मानसिक और आर्थिक पीड़ा में हैं।

मुख्यमंत्री को सौंपे पत्र में प्रमुख मांगे रखी गईं, जिनमें शामिल हैं।
प्रभावित गांवों को आपदाग्रस्त घोषित किया जाए।
जिन परिवारों को आवास, खेती, पशुधन और आजीविका का नुकसान हुआ है, उन्हें पारदर्शिता और प्राथमिकता के साथ क्षतिपूर्ति दी जाए।
क्षेत्र में स्थायी पुनर्वास की योजना बने, सड़कें व जल स्रोत पुनः स्थापित हों और आपदा प्रबंधन के लिए स्थायी ढांचा तैयार किया जाए।

सेमवाल ने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर त्वरित राहत कार्य आरंभ कराए जाएं और प्रभावित परिवारों का निष्पक्ष व शीघ्र सर्वेक्षण कराया जाए।

उन्होंने कहा कि यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन, भविष्य और वर्षों की मेहनत पर सीधा आघात है।

राज्यमंत्री ने आशा जताई कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रभावितों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी होगी और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

Back To Top