Headline
एसआईआर कार्य में तेजी के साथ निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करें-डीएम
एसआईआर कार्य में तेजी के साथ निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करें-डीएम
सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने पीएचसी मेहूवाला का किया निरीक्षण, 15 दिन में प्रसव सेवाएं शुरू करने के निर्देश
सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने पीएचसी मेहूवाला का किया निरीक्षण, 15 दिन में प्रसव सेवाएं शुरू करने के निर्देश
कोटद्वार–देहरादून बस सेवा के लिए गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स यूनियन लिमिटेड ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण का जताया आभार
कोटद्वार–देहरादून बस सेवा के लिए गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स यूनियन लिमिटेड ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण का जताया आभार
जिला सेवायोजन विभाग के तत्वावधान में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भीमताल में एक दिवसीय कैरियर काउंसिलिंग कार्यक्रम आयोजित
जिला सेवायोजन विभाग के तत्वावधान में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भीमताल में एक दिवसीय कैरियर काउंसिलिंग कार्यक्रम आयोजित
देहरादून में 50 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, मौके पर सीलिंग
देहरादून में 50 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, मौके पर सीलिंग
तकनीकी शिक्षा विभाग को मिले 9 कर्मशाला अधीक्षक
तकनीकी शिक्षा विभाग को मिले 9 कर्मशाला अधीक्षक
छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक, 30 सितम्बर तक ऑनलाइन आवेदन का अवसर
छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक, 30 सितम्बर तक ऑनलाइन आवेदन का अवसर
डिजिटल यूथ महोत्सव में विजेताओं की रही धूम, डीएम ने किया सम्मानित
डिजिटल यूथ महोत्सव में विजेताओं की रही धूम, डीएम ने किया सम्मानित
आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 44.75 करोड़ की संपत्तियां जब्त
आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 44.75 करोड़ की संपत्तियां जब्त

तिरुपति मंदिर लड्डू विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी, कहा— ‘यह श्रद्धालुओं की आस्था का सवाल’

तिरुपति मंदिर लड्डू विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी, कहा— ‘यह श्रद्धालुओं की आस्था का सवाल’

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तिरुपति मंदिर के प्रसिद्ध लड्डू की शुद्धता को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि तिरुपति लड्डू से जुड़ा मामला श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा जारी लैब रिपोर्ट की समयसीमा पर भी सवाल उठाए। इस रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि लड्डू बनाने में इस्तेमाल किए गए घी में मछली का तेल, गाय का मांस और सूअर की चर्बी के अंश पाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस रिपोर्ट की समयसीमा पर आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना, विशेष रूप से प्रेस के माध्यम से, उचित नहीं था।

‘मिलावटी घी अस्वीकार्य’
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या इस बात के ठोस सबूत हैं कि लड्डू बनाने में मिलावटी घी का इस्तेमाल हुआ है? कोर्ट ने स्पष्ट किया कि देवताओं से जुड़े मामलों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कहा कि आस्था का यह मामला बेहद संवेदनशील है और अगर मिलावटी घी का इस्तेमाल किया गया है तो यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी ने इस विवाद को एक नई दिशा दी है, जिससे तिरुपति लड्डू की शुद्धता और श्रद्धालुओं की आस्था को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top