Headline
देहरादून में 14 से 30 सितंबर तक चलेगा व्यापक नशामुक्ति शपथ अभियान
देहरादून में 14 से 30 सितंबर तक चलेगा व्यापक नशामुक्ति शपथ अभियान
जनता मिलन में जिलाधिकारी ने सुनीं 28 शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
जनता मिलन में जिलाधिकारी ने सुनीं 28 शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
समाधान दिवस में 102 शिकायतें दर्ज, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
समाधान दिवस में 102 शिकायतें दर्ज, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति
चार वीर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण को स्वीकृति
धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज पहुंचे सिरमौर के शिलाई, पश्मी गांव
धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज पहुंचे सिरमौर के शिलाई, पश्मी गांव
क्या RO का पानी घटा रहा है शरीर का B12? नए अध्ययन ने बढ़ाई चिंता
क्या RO का पानी घटा रहा है शरीर का B12? नए अध्ययन ने बढ़ाई चिंता
मछुआरा समाज के वोटों की दलाली करने वालों से रहें सावधान: संजय निषाद
मछुआरा समाज के वोटों की दलाली करने वालों से रहें सावधान: संजय निषाद
गरीब राजभर समाज में पैदा हुआ, इसलिए मेरी पैदाइश पर टिप्पणी: ओम प्रकाश राजभर
गरीब राजभर समाज में पैदा हुआ, इसलिए मेरी पैदाइश पर टिप्पणी: ओम प्रकाश राजभर
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

12 मई को विधि- विधान के साथ खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

12 मई को विधि- विधान के साथ खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

नरेंद्रनगर। बद्रीनाथ धाम के कपाट 12 मई को ब्रह्ममुहुर्त में सुबह 6 बजे खुलेंगे। आज बसंत पंचमी के अवसर पर नरेंद्रनगर (टिहरी) स्थित राजदरबार में कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई। बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया के लिए गाडूघड़ा (तेल-कलश) श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर से मंगलवार शाम श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के चंद्रभागा स्थित विश्राम गृह पहुंच गया था। जहां श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति सहित श्रद्धालुओं ने तेल-कलश का स्वागत किया।

बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत की ओर से गाडूघड़ा राजमहल को सौंपा गया। इसके बाद राजमहल से गाडूघड़ा में तिल का तेल पिरोया गया। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व तिल का तेल पिरोने के बाद गाडूघड़ा नरेंद्रनगर राजदरबार से डिम्मर होते हुए श्री नृसिंह मंदिर, योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचाया जाएगा। कपाट खुलने के बाद यह तेल-कलश भगवान बदरी विशाल के नित्य अभिषेक के लिए प्रयोग में लाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top