Headline
सिर्फ माउथ फ्रेशनर नहीं है सौंफ, पाचन से लेकर वजन तक में हो सकती है मददगार
सिर्फ माउथ फ्रेशनर नहीं है सौंफ, पाचन से लेकर वजन तक में हो सकती है मददगार
व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, सरकार उनके हितों के प्रति संवेदनशील- मुख्यमंत्री
व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, सरकार उनके हितों के प्रति संवेदनशील- मुख्यमंत्री
चिकित्सा मंत्री सुबोध उनियाल ने किया दून मेडिकल कॉलेज में 12 बेड के कार्डियोलॉजी विंग एवं नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण
चिकित्सा मंत्री सुबोध उनियाल ने किया दून मेडिकल कॉलेज में 12 बेड के कार्डियोलॉजी विंग एवं नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण
अपराध गोष्ठी में एसएसपी के सख्त निर्देश, लापरवाही पर थाना प्रभारी और पर्यवेक्षण अधिकारी भी होंगे जिम्मेदार
अपराध गोष्ठी में एसएसपी के सख्त निर्देश, लापरवाही पर थाना प्रभारी और पर्यवेक्षण अधिकारी भी होंगे जिम्मेदार
छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की दी जानकारी
छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की दी जानकारी
बेटियां उठायेंगी नशे के विरुद्ध मशाल- डाॅ. धन सिंह रावत
बेटियां उठायेंगी नशे के विरुद्ध मशाल- डाॅ. धन सिंह रावत
हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास, पहले शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ
हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास, पहले शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ
स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रहीं पहाड़ की महिलाएं, खुद रोजगार से जुड़कर दूसरों को भी दे रहीं काम
स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रहीं पहाड़ की महिलाएं, खुद रोजगार से जुड़कर दूसरों को भी दे रहीं काम
चिड़ोंवाली में क्षतिग्रस्त पुल का मंत्री गणेश जोशी ने किया निरीक्षण
चिड़ोंवाली में क्षतिग्रस्त पुल का मंत्री गणेश जोशी ने किया निरीक्षण

पुरी रथ यात्रा के तीन पहिए अब संसद परिसर में होंगे स्थापित

पुरी रथ यात्रा के तीन पहिए अब संसद परिसर में होंगे स्थापित

नई दिल्ली: विश्वप्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा के रथों के तीन पहिए अब संसद परिसर में स्थापित किए जाएंगे। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने बताया कि यह प्रस्ताव लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सामने पुरी यात्रा के दौरान रखा गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।

एसजेटीए के प्रमुख प्रशासक अरविंद के मुताबिक, तीनों पहिए भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र के रथों से निकाले जाएंगे। भगवान जगन्नाथ के रथ का नाम नंदीघोष, देवी सुभद्रा का रथ दर्पदलन और भगवान बलभद्र का रथ तालध्वज है। इन रथों से प्रत्येक रथ का एक पहिया दिल्ली भेजा जाएगा, जो संसद में स्थापित किया जाएगा।

संसद में संस्कृति का दूसरा प्रतीक

दो साल पहले 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के बगल में सेंगोल स्थापित किया था। रथ यात्रा के पहिए लगाने के बाद यह संसद परिसर में स्थापित होने वाला संस्कृति से जुड़ा दूसरा प्रतीक होगा।

सेंगोल को अंग्रेजों ने 14 अगस्त 1947 की रात पंडित नेहरू को सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में सौंपा था। 1960 से पहले इसे आनंद भवन में रखा गया था और 1978 से यह इलाहाबाद म्यूजियम में रखा गया।

Back To Top