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मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन सख्त, उपनल कर्मियों के अनुबंध तीन दिन में पूरे करने के निर्देश
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ऑरेंज अलर्ट पर नैनीताल प्रशासन हाई अलर्ट, 29 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी
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मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर देहरादून–कोटा नंदा देवी एक्सप्रेस को मुंबई तक विस्तारित किए जाने का रेल मंत्री ने दिया आश्वासन
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देहरादून में उत्तराखंड, यूपी और हरियाणा की SDRF ने किया संयुक्त आपदा प्रबंधन अभ्यास
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राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल का सवाल, इलेक्ट्रिक कार निर्माण को बढ़ावा देने की योजना पर सरकार ने दिया जवाब
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आपदा से उबर नहीं पाया पर्यटन कारोबार, होटल खाली पड़े

आपदा से उबर नहीं पाया पर्यटन कारोबार, होटल खाली पड़े

देहरादून: आपदा के एक सप्ताह बाद भी जिले का पर्यटन कारोबार पटरी पर नहीं लौट सका है। मसूरी, सहस्रधारा, ऋषिकेश और चकराता जैसे प्रमुख स्थलों पर होटलों की ऑक्यूपेंसी 10% से कम हो गई है। नदियों के किनारे बने होटल, कैफे और दुकानें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं।

व्यवसायियों ने भारी डिस्काउंट देकर बुकिंग बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन पर्यटक अभी यहां आने से कतरा रहे हैं। मसूरी और देहरादून के होटलों में 50-60% तक छूट दी जा रही है, वहीं ऋषिकेश में कमरे 500-1000 रुपये तक मिल रहे हैं। बावजूद इसके कारोबारियों को स्टाफ की तनख्वाह और बिजली बिल चुकाना भी मुश्किल हो रहा है।

बारिश और भूस्खलन से पर्यटन स्थलों को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। सहस्रधारा, गुच्चुपानी और मसूरी रोड किनारे की दुकानें बह गईं। छोटे कारोबारियों के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

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