Headline
सुबह उठते ही होता है सिरदर्द? तो इसे हल्के में न लें, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत
सुबह उठते ही होता है सिरदर्द? तो इसे हल्के में न लें, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत
भिवंडी में दर्दनाक हादसा- चार मंजिला इमारत का हिस्सा ढहा, छह की मौत
भिवंडी में दर्दनाक हादसा- चार मंजिला इमारत का हिस्सा ढहा, छह की मौत
उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी: 8 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा, रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद
उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी: 8 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा, रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद
कांवड़ मेले के चलते हरिपुरकलां क्षेत्र के स्कूल 11 अगस्त तक बंद, ऑनलाइन होगी पढ़ाई- जिलाधिकारी
कांवड़ मेले के चलते हरिपुरकलां क्षेत्र के स्कूल 11 अगस्त तक बंद, ऑनलाइन होगी पढ़ाई- जिलाधिकारी
कुमाऊं आयुक्त ने आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागियों को समझाए कमिश्नरी के कार्य
कुमाऊं आयुक्त ने आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागियों को समझाए कमिश्नरी के कार्य
सेवा सप्ताह के तहत कालसी में निःशुल्क चिकित्सा शिविर, 150 लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
सेवा सप्ताह के तहत कालसी में निःशुल्क चिकित्सा शिविर, 150 लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
समग्र शिक्षा का बजट खर्च न होने पर शिक्षा मंत्री ने लगाई फटकार, समीक्षा बैठक में अधिकारियों के कसे पेंच
समग्र शिक्षा का बजट खर्च न होने पर शिक्षा मंत्री ने लगाई फटकार, समीक्षा बैठक में अधिकारियों के कसे पेंच
मंत्री राम सिंह कैड़ा का सख्त रुख, चाफी–पदमपुरी-धारी मोटर मार्ग पर सोलिंग कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश
मंत्री राम सिंह कैड़ा का सख्त रुख, चाफी–पदमपुरी-धारी मोटर मार्ग पर सोलिंग कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश
भगवानपुर से समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ, सीएम धामी ने किया कलश यात्रा का नेतृत्व
भगवानपुर से समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ, सीएम धामी ने किया कलश यात्रा का नेतृत्व

ट्रंप को जीवनदान भगवान की देन

ट्रंप को जीवनदान भगवान की देन

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला निश्चित रूप से चिंता का सबब है। 40 दिन पूर्व राष्ट्रपति पद के चुनाव से पहले ट्रंप पर एक चुनावी सभा में जानलेवा हमले से हर कोई हलकान है।

वाकई ट्रंप को जो जीवनदान मिला है, वह भगवान की देन ही कही जाएगी। खुद ट्रंप ऐसा मानते हैं। दरअसल, अमेरिका में बंदूक संस्कृति की वजह से खून-खराबे का ऐसा माहौल बना है। कहते हैं कि वहां लोगों से ज्यादा बंदूकें हैं।

हालांकि इस हमले को सियासी चश्मे से भी देखा और परखा जा रहा है। कई जानकार तो यहां तक दावा करने लगे हैं कि इस हमले के बाद ट्रंप की जीत की राह काफी आसान हो गई है। बहरहाल, ये सभी कयासबाजी मुकम्मल जांच के बाद ही साफ हो सकेंगी कि इसके पीछे किसकी साजिश है। प्रथम दृष्टया जो कुछ सार्वजनिक हुआ है, उसमें हमलावर की ट्रंप के प्रति नासंदगी की बात है।

चुनाव के ठीक पहले इस तरह के हमले को लेकर कई किंतु-परंतु होते हैं। यह लगभग हर देश में होता है। अमेरिका में भी इसे लेकर कई तरह की बातें हो रही हैं, मगर एक बात तो हर किसी को अपने जेहन में रखनी होगी कि हिंसा और खून बहाना किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए श्राप से कम नहीं। इस नाते किसी को भी इस मसले पर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए।

विश्व के सबसे ताकतवर मुल्क के मुखिया के पद पर रहे शख्स को जान से मारने की नीयत से हमला करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता है। राष्ट्रपति जो बाइडन को तुरंत पूरे प्रकरण की ठोस जांच करानी चांिहए और इस बात का भरोसा विपक्षी दलों समेत देश की जनता को दिलाना चाहिए कि ऐसे कृत्य नाकाबिले बर्दाश्त हैं। इस बात की भी जांच पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए कि उनकी सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस के एजेंट से कहां चूक हुई।

निश्चित तौर पर ट्रंप पर हमला सामान्य घटना नहीं है। इससे अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव की पूरी दिशा ही बदल सकती है। ट्रंप फिलहाल बाइडन से प्रचार में बढ़त बनाए हुए हैं। बाइडन की उम्र और उम्र संबंधी दुारियों की वजह से रिपब्लिन पार्टी फिलवक्त कमजोर दिखती है।

अगर ट्रंप पर हमले की घटना आम अमेरिकियों के दिलो-दिमाग पर गहरे तक असर डालेगी तो वहां सत्ता में बदलाव हो सकता है। देखना है, रिपब्लिकन पार्टी पूरी घटना से खुद को कैसे उबार पाती है? आने वाला वक्त वाकई दिलचस्प होने वाला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top