Headline
“पौड़ी प्रगति पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ, विकास कार्यों की निगरानी होगी अब डिजिटल
“पौड़ी प्रगति पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ, विकास कार्यों की निगरानी होगी अब डिजिटल
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने हाईस्कूल परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल करने पर साक्षी को किया सम्मानित
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने हाईस्कूल परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल करने पर साक्षी को किया सम्मानित
देहरादून में भीषण गर्मी का कहर, तापमान 38 डिग्री के पार
देहरादून में भीषण गर्मी का कहर, तापमान 38 डिग्री के पार
मुख्यमंत्री धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
दर्दनाक सड़क हादसा- गहरी खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत
दर्दनाक सड़क हादसा- गहरी खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत
इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य- मुख्यमंत्री
इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य- मुख्यमंत्री
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख

क्या शुरू होगा तीसरा विश्व युद्ध? व्लादिमीर पुतिन की धमकी और बढ़ता वैश्विक तनाव

क्या शुरू होगा तीसरा विश्व युद्ध? व्लादिमीर पुतिन की धमकी और बढ़ता वैश्विक तनाव

लंदन। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन और पश्चिमी देशों पर हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमले की धमकी दी है, जिससे वैश्विक स्तर पर तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि यदि हालात पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति पद संभालने से पहले ही तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो सकता है।

पुतिन की धमकी और नाटो की चुप्पी
पुतिन लगातार यूक्रेन पर मिसाइल हमले कर रहे हैं और अब परमाणु हमलों की धमकी भी दे रहे हैं। वहीं, नाटो और ब्रिटेन ने इस गंभीर स्थिति पर अब तक कोई बैठक नहीं बुलाई है। पुतिन की इस आक्रामक नीति ने पैन-यूरोपीय संघर्ष का खतरा बढ़ा दिया है।

खतरे के बढ़ते संकेत
शीत युद्ध के बाद पहली बार ऐसा संकट देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूक्रेन, ब्रिटेन और अमेरिका की मिसाइलों को रूस के अंदर तैनात करके क्रेमलिन को उकसाया जा रहा है। अमेरिका के अगले राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव और उनके शपथ ग्रहण के बीच 76 दिनों का यह अंतराल दुनिया के लिए भारी पड़ सकता है।

बाइडेन की नीतियों पर सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की नीतियों को इस संकट का प्रमुख कारण माना जा रहा है। उन्होंने यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलें देने में देरी की, जिससे रूस का जवाबी हमला और आक्रामक हो गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के रूस के अंदर हमलों ने क्रेमलिन को परमाणु प्रतिशोध की धमकी देने पर मजबूर कर दिया है।

दुनिया के अन्य नेताओं की भूमिका
डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी आक्रामक बयानबाजी से तनाव को और बढ़ा दिया है। दूसरी ओर, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका को कमजोर करने की कोशिश में जुटे हैं। यूरोपीय सेनाएं रूस की तुलना में कमजोर मानी जा रही हैं, जिससे यह संकट और जटिल हो गया है।

विशेषज्ञों की चेतावनी
1962 के क्यूबा मिसाइल संकट और दो विश्व युद्धों के अनुभवों से यह साफ है कि दुनिया एक बड़े संघर्ष के बेहद करीब है। यदि वैश्विक नेताओं ने जल्द और प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो यह संकट तीसरे विश्व युद्ध का रूप ले सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top