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 देहरादून (काशीपुर)। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में कार्रवाई करते हुए NS Enterprise के नाम से संचालित एक संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप का खुलासा किया है। प्रारंभिक तकनीकी जांच में इंटरनेट और SIP कनेक्शन के माध्यम से इंटरनेशनल लॉन्ग डिस्टेंस (ILD) गेटवे बाईपास करने और ऑटोमेटेड यानी रोबो कॉलिंग किए जाने से संबंधित साक्ष्य मिले हैं। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

एसटीएफ की साइबर क्राइम कुमाऊं यूनिट ने दूरसंचार विभाग (DoT) की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई की। यह कार्रवाई प्राप्त तकनीकी इनपुट के आधार पर की गई। जांच में सामने आया कि संबंधित सेटअप के माध्यम से 21 दिनों के भीतर 45,453 आउटगोइंग कॉल किए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर टेलीकॉम उपकरणों और कंप्यूटर सिस्टम की जांच की।

मुरादाबाद निवासी आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान नईमुद्दीन पुत्र जाहिद हुसैन के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के डिलारी थाना क्षेत्र के मनकुआ मकसूदपुर का निवासी है। आरोपी के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं, रुद्रपुर में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) और 61(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) और 66(D) तथा दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 42(1) और 42(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

एसटीएफ बरामद उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क के संचालन में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे और संदिग्ध कॉलिंग गतिविधियों का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था।

कंप्यूटर सिस्टम में मिले महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य

मौके पर उपलब्ध कंप्यूटर की जांच के दौरान Linux आधारित वर्चुअल मशीन, FreePBX लॉगिन, रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर और SSH क्लाइंट से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिले। इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप वेब से जुड़े डेटा की भी जांच की गई।

एसटीएफ के अनुसार, व्हाट्सएप चैट में SIP ट्रंक, SIP केबल और इंटरनेट कनेक्शन से संबंधित बातचीत मिली है। कंप्यूटर सिस्टम और वर्चुअल मशीन का RAM डंप तथा अन्य तकनीकी लॉग भी सुरक्षित किए गए हैं, ताकि डिजिटल गतिविधियों और संचार व्यवस्था का विस्तृत विश्लेषण किया जा सके।

ये उपकरण किए गए बरामद

कार्रवाई के दौरान टीम ने एक कंप्यूटर, तीन जियो राउटर, एक एयरटेल राउटर, एक SETU VTEP उपकरण, पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और अन्य नेटवर्किंग उपकरण बरामद किए। जांच में इन उपकरणों के इस्तेमाल और उनकी भूमिका का पता लगाया जा रहा है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, NS Enterprise के नाम से कार्यालय लेकर वहां इंटरनेट कनेक्टिविटी और SIP उपकरणों के माध्यम से संदिग्ध टेलीकॉम व्यवस्था संचालित किए जाने की आशंका है। हालांकि, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि तकनीकी जांच और विवेचना पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

एसटीएफ ने साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई तेज की

एसटीएफ के मुताबिक, मुख्यमंत्री के निर्देशों और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के दिशा-निर्देशन में साइबर अपराधों तथा अवैध टेलीकॉम नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ/साइबर नीलेश आनन्द भरणे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

एसटीएफ ने बताया कि एक महीने के भीतर सिम बॉक्स और अवैध टेलीकॉम सेटअप से संबंधित तीन अभियोग दर्ज किए गए हैं और चार आरोपियों को जेल भेजा गया है।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।

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